मथुरा में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति और जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा, कंस्ट्रक्शन एवं डिमॉलिशन वेस्ट, जैव चिकित्सा अपशिष्ट और ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही वायु प्रदूषण की रोकथाम और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण के तहत व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने, स्वच्छता पखवाड़ा को सफल बनाने और गंगा उत्सव कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए गए। यमुना आरती के नियमित और व्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ जनजागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
बैठक में विशेष रूप से एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की नियमित जांच और उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कर उनकी निगरानी सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

