वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भाजपा काशी क्षेत्र की ओर से नगवा स्थित संत रविदास पार्क में ‘संत रविदास सेवा रत्न सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चर्मकार समुदाय के लोगों का सम्मान करने के साथ पात्र लाभार्थियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टूलकिट वितरित की गई।
चर्मकार बंधुओं को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न से किया सम्मानित
समारोह में चर्मकार समुदाय के लोगों को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। साथ ही जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से चर्मकारों का पंजीकरण भी किया गया, ताकि पात्र लोगों को संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
पहले से पंजीकृत लाभार्थियों को मिली टूलकिट
कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पहले से पंजीकृत लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई। योजना के जरिए पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके काम से जुड़ी सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने संत शिरोमणि गुरु रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार और संत रविदास के सामाजिक चिंतन का उल्लेख करते हुए जरूरतमंद वर्गों के उत्थान की बात कही।
गरीब और छोटे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
अशोक चौरसिया ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, चर्म शिल्पकारों और अन्य पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य लोगों को अपने हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।
अंतिम पायदान तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात
कार्यक्रम में छोटे किसानों, ऑटो-टैक्सी चालकों और कम आय वाले परिवारों सहित विभिन्न जरूरतमंद वर्गों के लिए ऋण और अन्य सहायता योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। अशोक चौरसिया ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर मौजूद व्यक्ति तक विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जरूरी है।
विकसित भारत के लक्ष्य में कारीगरों की भूमिका पर जोर
भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कारीगरों, चर्म शिल्पकारों और विश्वकर्मा समाज से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने चर्मकार समुदाय के सम्मान समारोह में शामिल होने को सम्मान का अवसर बताया।
अंत्योदय के विचार को आगे बढ़ाने का संदेश
समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय और संत गुरु रविदास के विचारों का उल्लेख करते हुए गरीब, कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के जरिए पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहन देने और जरूरतमंद कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का संदेश दिया गया।

