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Lucknow: गुणवत्तापरक शिक्षा से छात्रों का सर्वांगीण विकास आवश्यक- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आज डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के नवीन परिसर में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तुलसी भवन एवं वशिष्ठ भवन का भ्रमण कर उपलब्ध कक्षों के समुचित और प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पठन-पाठन और प्रायोगिक कार्यों में उपलब्ध संसाधनों के पूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि सभी पाठ्यक्रमों में आवश्यकता के अनुरूप शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही जल निकासी से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि परिसर में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

छात्रावासों का निरीक्षण, छात्रों से संवाद

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित लवकुश एवं सरयू छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में निवासरत छात्रों से संवाद कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

निर्माणाधीन सरोवर और योग विभाग का अवलोकन

कुलाधिपति द्वारा परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का निरीक्षण किया गया और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। इसके साथ ही राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के योग विभाग में छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे योगाभ्यास का अवलोकन किया। उन्होंने योगाभ्यास की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।

अधिकारी एवं गणमान्यजन रहे उपस्थित

इस अवसर पर अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंदे, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल सहित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने अंत में कहा कि विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और सुव्यवस्थित अधोसंरचना ही छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाती है, और इस दिशा में सभी को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा।

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