लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जिला कारागार में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास को बेहतर बनाने के लिए नई पहल की गई है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, लखनऊ के सहयोग से जेल परिसर में ‘मनोसामाजिक सेवा केंद्र’ स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहयोग, भावनात्मक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराना तथा रिहाई के बाद समाज में दोबारा सहज रूप से शामिल होने में मदद करना है। केंद्र का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं के महानिदेशक पी.सी. मीना ने किया। इस अवसर पर लखनऊ परिक्षेत्र के डीआईजी कारागार डॉ. रामधनी सहित विभाग के कई अधिकारी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष ध्यान
जिला कारागार में स्थापित इस केंद्र के माध्यम से बंदियों को मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य जेल में रहने के दौरान उनके मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही बंदियों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में उनकी वापसी को आसान बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में बंदियों को केंद्र की सुविधाओं और इसके उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी।
महानिदेशक पी.सी. मीना ने किया केंद्र का उद्घाटन
मनोसामाजिक सेवा केंद्र का शुभारंभ महानिदेशक पी.सी. मीना ने रिबन काटकर किया। कार्यक्रम में लखनऊ परिक्षेत्र के डीआईजी कारागार डॉ. रामधनी की उपस्थिति रही। इस दौरान जेल प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ जेल अधीक्षक आर.के. जायसवाल, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी, सुनील दत्त मिश्रा, अभय शुक्ला तथा विश्वविद्यालय की ओर से दीपेन्द्र सिंह, शक्ति प्रकाश और देविका राजे मौजूद रहे।
जेल अस्पताल में भर्ती बंदियों का जाना हाल
केंद्र के उद्घाटन के बाद महानिदेशक पी.सी. मीना ने जिला कारागार के अस्पताल वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती बंदियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान चिकित्साधिकारी से भी बंदी मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। महानिदेशक ने अस्पताल में भर्ती बंदियों को फल वितरित कर उनका हालचाल जाना।
महिला बैरक का भी किया निरीक्षण
महानिदेशक ने जेल की महिला बैरक का दौरा कर वहां बंद महिला बंदियों से संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। महिला बैरक में बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को भी फल वितरित किए गए। इस दौरे के दौरान महिला बंदियों और उनके बच्चों के कल्याण से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया गया।
पुनर्वास और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ जिला कारागार में मनोसामाजिक सेवा केंद्र की स्थापना को जेल व्यवस्था में मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण और पुनर्वास पर ध्यान बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल के माध्यम से सुरक्षा और अनुशासन के साथ बंदियों की भावनात्मक जरूरतों तथा समाज में दोबारा जुड़ने की प्रक्रिया को भी महत्व दिया गया है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के सहयोग से स्थापित यह केंद्र बंदियों को आवश्यक मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से काम करेगा।

