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Lucknow: राजभवन में पीएसी मॉडल बैरक निर्माण पर प्रस्तुतिकरण, मानवीय सुविधाओं पर विशेष जोर

लखनऊ स्थित राजभवन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजभवन में तैनात पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) के जवानों के लिए प्रस्तावित मॉडल बैरक निर्माण को लेकर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया।

बैरक निर्माण में सुव्यवस्था और मानवीय आवश्यकताओं पर निर्देश

प्रस्तुतिकरण के दौरान राज्यपाल ने मॉडल बैरक के डिजाइन की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि बैरक का निर्माण सुव्यवस्थित, सुरक्षित और मानवीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने कहा कि बैरकों में अलमारी, बेड, बाथरूम सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनियोजित ढंग से उपलब्ध होनी चाहिए।

राज्यपाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि पीएसी बल की सुविधा और कार्यक्षमता को प्राथमिकता देते हुए बैरक निर्माण उच्च गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।

भोजन, विश्राम और आराम की समुचित व्यवस्था जरूरी

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भोजन, विश्राम, नींद और आराम हर कार्मिक के लिए अनिवार्य आवश्यकताएं हैं। इसलिए बैरकों में सभी जवानों के लिए समुचित और सम्मानजनक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राशन की खरीद सामूहिक रूप से की जाए, जिससे लागत में कमी आए और होने वाली बचत का उपयोग भोजन में पौष्टिक एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में किया जा सके।

खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच पर भी जोर

राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिए कि बाजार से क्रय की जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टेस्टिंग किट खरीदी जाए। इससे खाद्य पदार्थों की नियमित जांच संभव होगी और पीएसी कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण व सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ रहे उपस्थित

इस बैठक में विशेष कार्याधिकारी, राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज एल. जानी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. पाण्डेय, आर्किटेक्चर विभाग की प्रधानाचार्य व डीन प्रो. वंदना सहगल, आर्किटेक्ट आंजनेय सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

पीएसी जवानों की सुविधाओं को लेकर सरकार की संवेदनशील पहल

राज्यपाल ने कहा कि पीएसी बल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी है और उनके लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मॉडल बैरक निर्माण से न केवल जवानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार आएगा।

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