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यूपी में पीसीएस से आईएएस पदोन्नति की तैयारी तेज, 35 अधिकारियों के नाम प्रस्तावित सूची में शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा (PCS) के अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति को लेकर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया के बाद प्रस्तावित सूची चर्चा में है। सूची में वर्ष 1997 से लेकर 2011 बैच तक के कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जो वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न विभागों, मंडलों और जनपदों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित सूची में वर्ष 1997 बैच के हरिश चन्द्र, वर्ष 1999 बैच के प्रभूनाथ तथा वर्ष 2002 बैच की अंजू कटियार का नाम शामिल है। वहीं वर्ष 2004 बैच के अमर पाल सिंह और वर्ष 2008 बैच के आलोक वर्मा भी संभावित पदोन्नति सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।

वर्ष 2010 बैच के अधिकारियों में डॉ. विश्राम, अशोक कुमार कनौजिया, पुष्पराज सिंह, संजय कुमार सिंह, राज कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, सुशीला और आलोक कुमार के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। ये सभी अधिकारी वर्तमान में विभिन्न प्रशासनिक और विभागीय पदों पर कार्यरत हैं।

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इसके अलावा वर्ष 2011 बैच के अधिकारियों की बड़ी संख्या भी प्रस्तावित सूची में शामिल बताई जा रही है। इनमें वैभव मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, पूनम निगम, डॉ. नितिन मदान, हर्ष देव पांडेय, शैलेंद्र कुमार सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, विजय कुमार सिंह द्वितीय, अतुल कुमार, अमित सिंह, प्रियंका सिंह, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप, संदीप कुमार और राकेश कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा पात्र अधिकारियों के सेवा अभिलेख, वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (ACR/APAR), वरिष्ठता और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर विचार किया गया है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगा।

प्रशासनिक हलकों में इस सूची को लेकर काफी उत्सुकता है, क्योंकि आईएएस पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों को राज्य और केंद्र स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

हालांकि, अभी तक राज्य सरकार या संबंधित प्राधिकरण की ओर से अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में सूची को प्रस्तावित माना जा रहा है और अंतिम स्वीकृति के बाद ही पदोन्नति की औपचारिक घोषणा होगी।

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