उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला कारागार से एक बंदी के फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी कथित रूप से जेल परिसर में मौजूद एक पेड़ के सहारे दीवार पार कर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
18 जुलाई को भेजा गया था जेल
जानकारी के अनुसार, बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार निवासी विपिन को 18 जुलाई को एक युवती से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में गोरखपुर जिला कारागार भेज दिया गया।
बगिया में काम के दौरान हुआ फरार
जेल सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षक 49 बंदियों को जेल परिसर से सटी बगिया में कार्य कराने ले गए थे। करीब 11:30 बजे बंदियों की गिनती के दौरान एक बंदी कम मिला। जांच में पता चला कि विपिन कथित रूप से बगिया में लगे पेड़ पर चढ़कर जेल की दीवार पार कर फरार हो गया।
पुलिस और जेल प्रशासन ने शुरू की तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी की गई और जेल परिसर व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका था।
कई पुलिस टीमें गठित, जांच भी शुरू
फरार बंदी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। वहीं, ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है तथा जेल प्रशासन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है।
सुरक्षा में लापरवाही की होगी जांच
जेल प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बंदी कैसे फरार हो गया। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

