प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी वंदन सम्मेलन में “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि मां श्रृंगार गौरी, अन्नपूर्णा और विशालाक्षी जैसी दिव्य शक्तियों की है। उन्होंने काशी की महिलाओं को नमन करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आज महिलाएं घर की “मालकिन” बन रही हैं। उन्होंने महिला आरक्षण को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई और आरोप लगाया कि विपक्ष ने संसद में इसे रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने विपक्ष के इस रवैये को देखा है और महिलाएं अब जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले के समय में महिलाओं के लिए घर से निकलना भी मुश्किल था, लेकिन अब कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण स्थिति बदली है। उन्होंने विभिन्न राज्यों में महिलाओं द्वारा विपक्ष के खिलाफ मतदान का जिक्र करते हुए इसे बदलाव का संकेत बताया।
उन्होंने काशी में चल रही विकास परियोजनाओं सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह काशी की नारी शक्ति से आशीर्वाद लेने आए हैं, ताकि देश के विकास का महायज्ञ और आगे बढ़ सके।

