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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेशवासियों को संदेश, प्रकृति संरक्षण पर व्यापक अपील

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेशवासियों को संदेश, प्रकृति संरक्षण पर व्यापक अपील

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेशवासियों को संदेश, प्रकृति संरक्षण पर व्यापक अपील

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को विस्तृत संदेश जारी करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल-संरक्षण और वृक्षारोपण को जीवन और विकास का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों, नदियों और प्राणियों की पूजा की परंपरा रही है और प्रकृति की आराधना को ईश्वर की उपासना के समान माना गया है, जो हमारे जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

सनातन संस्कृति में प्रकृति का आध्यात्मिक महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन परंपरा में प्रकृति केवल संसाधन नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था का केंद्र रही है। देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण में देव ऋण का संबंध सीधे प्रकृति से है, जिसे जल, वन और भूमि के संरक्षण के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने वट सावित्री, छठ और महाकुंभ जैसे पर्वों को भी प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक बताया।

जल, वन और भूमि संरक्षण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के समय में जल संरक्षण और वृक्षारोपण पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने दोहराया कि “जल है तो हम हैं” केवल नारा नहीं बल्कि जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को बचाने, वृक्ष लगाने और भूमि के संतुलन को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए चल रही योजनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ‘एक जनपद एक नदी योजना’ के माध्यम से नदियों के पुनर्जीवन और संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो राज्य में आर्द्रभूमि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

युवाओं और नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और नदियों के संरक्षण जैसे अभियानों का मजबूत आधार बनें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने जन्मदिन या विशेष अवसर पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो बड़ा परिवर्तन संभव है।

विकसित प्रदेश की पहचान स्वच्छ पर्यावरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण ही विकसित प्रदेश की असली पहचान है। उन्होंने सभी नागरिकों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण मिल सके।

 

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