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जिले में गेहूं खरीद का नया रिकॉर्ड, 10 हजार किसानों से 36 हजार मीट्रिक टन से अधिक खरीद

आजमगढ़: रबी विपणन सत्र 2026-27 में आजमगढ़ जनपद ने गेहूं खरीद के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले में 30 मार्च से 15 जून 2026 तक चले खरीद अभियान के दौरान 10 हजार से अधिक किसानों से 36 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई। यह उपलब्धि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।

जिला विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने बताया कि जनपद को प्रारंभ में 32 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 37 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया। इसके सापेक्ष जिले में लगभग 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जो निर्धारित लक्ष्य के बेहद करीब है।

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80 क्रय केंद्रों पर हुई खरीद
जनपद में कुल 80 क्रय केंद्र संचालित किए गए। इनमें खाद्य विभाग के 21 केंद्र, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के 2 केंद्र तथा पीसीएफ के 57 केंद्र शामिल रहे। किसानों को अपने उत्पाद की बिक्री के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हुई।

 

तीन गुना बढ़ी खरीद
वर्ष 2025 में जिले में लगभग 12 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 36 हजार मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गया। इसी तरह किसानों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वर्ष जहां करीब 4 हजार किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचा था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 10 हजार तक पहुंच गई।

भंडारण और परिवहन की विशेष व्यवस्था
खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। खाद्य विभाग और पीसीएफ के गोदामों में गेहूं को सुरक्षित रखा गया है। जहां अस्थायी रूप से खुले स्थान पर भंडारण की आवश्यकता हुई, वहां ट्रिपल और पॉलिथीन से ढककर सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

अधिकारियों के अनुसार अब तक खरीदे गए कुल गेहूं का लगभग 67 प्रतिशत भारतीय खाद्य निगम के डिपो तक भेजा जा चुका है और शेष स्टॉक को भी चरणबद्ध तरीके से प्रेषित किया जा रहा है।

पारदर्शी रही खरीद प्रक्रिया
जिला प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया। किसानों का सत्यापन ई-पॉस मशीनों के माध्यम से किया गया तथा बिचौलियों की भूमिका रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण भी किया गया। विभागीय अधिकारी प्रतिदिन विभिन्न क्रय केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।

किसानों के खातों में पहुंचा भुगतान
गेहूं खरीद के एवज में किसानों को लगभग 94 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि पीएमएस पोर्टल के माध्यम से अब तक 93 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। शेष भुगतान भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा।

बढ़ा किसानों का भरोसा
अधिकारियों का मानना है कि समयबद्ध भुगतान, ऑनलाइन खरीद प्रणाली और प्रभावी निगरानी के कारण किसानों का सरकारी खरीद व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में किसानों ने सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा और जनपद ने खरीद के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।आजमगढ़ की यह उपलब्धि न केवल किसानों के लिए राहतभरी रही, बल्कि सरकारी खरीद प्रणाली की प्रभावशीलता का भी प्रमाण बनी है।

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