गोरखपुर। प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए विवाद ने अब पुलिस तक दस्तक दे दी है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता नगीना साहनी ने कैंट थाने में तहरीर देकर अंशुमान सिंह समेत कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ विवाद बाद में कथित तौर पर असलहा निकालने और जान से मारने की कोशिश तक पहुंच गया। पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद
नगीना साहनी के अनुसार, प्रेस क्लब में सपा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी। इसी दौरान अंशुमान सिंह कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि बैठने के लिए कुर्सी को लेकर कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।
असलहा दिखाने का लगाया आरोप
तहरीर में नगीना साहनी ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान अंशुमान सिंह के साथ आए एक व्यक्ति ने कथित तौर पर असलहा निकाल लिया और हमला करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पहुंचे सपा नेता संजय कुमार पहलवान के साथ अभद्रता की गई और उन्हें धमकी दी गई। नगीना साहनी का कहना है कि घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। उन्होंने पुलिस से प्रेस क्लब परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग भी की है।
अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर की कार्रवाई की मांग
मामले की शिकायत के बाद नगीना साहनी के समर्थन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता कैंट थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटना की निष्पक्ष जांच कर आरोपों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। नगीना साहनी ने कहा कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच से घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
गिरफ्तारी न होने पर धरने की चेतावनी
नगीना साहनी के मुताबिक, मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की ओर से पुलिस को कार्रवाई के लिए समय दिया गया है और अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर धरना देने की बात कही गई है।
अंशुमान सिंह पर सपा ने की संगठनात्मक कार्रवाई
विवाद के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से अंशुमान सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में संगठन से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी है। प्रेस क्लब में हुए घटनाक्रम को लेकर पार्टी स्तर पर रिपोर्ट राष्ट्रीय नेतृत्व तक भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। फिलहाल पुलिस के सामने तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और सामने आए वीडियो की पड़ताल अहम होगी। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही घटनाक्रम से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

