उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर जोरदार सियासी हमला बोला है। खतौली में आयोजित वंचित शोषित एकता रैली के दौरान राजभर ने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा इलाका हिंसा और कत्लेआम की आग में जल रहा था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सैफई में बैठकर नाच-गाना देख रहे थे।
‘मुख्यमंत्री का पहला कर्तव्य कानून-व्यवस्था’
मीडिया से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री की पहली जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था को संभालना होती है, लेकिन उस समय सरकार की प्राथमिकता कुछ और ही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव से लोग पलायन कर रहे थे, निर्दोष मारे जा रहे थे और सत्ता में बैठे लोग उत्सव मना रहे थे।
योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना
राजभर ने मौजूदा Yogi Adityanath सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में न तो कोई बड़ा दंगा हुआ और न ही कहीं कर्फ्यू लगा। उन्होंने दावा किया कि बड़े-बड़े माफियाओं का सफाया किया जा चुका है और अपराधी आज ‘बाबा के बुलडोजर’ के डर में जी रहे हैं।
शंकराचार्य विवाद और 1990 की घटना का उल्लेख
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के रुख पर तंज कसते हुए राजभर ने 1990 की घटना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में सपा की ही सरकार थी, जब संतों पर लाठियां चली थीं। राजभर ने सपा और कांग्रेस को नसीहत दी कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने अतीत को देखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती-चाहे वह कोई भी हो।
‘जाति तोड़ो, समाज जोड़ो’ का नारा
जातिवाद के मुद्दे पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि भारत कभी कृषि प्रधान देश था, लेकिन अब जाति प्रधान बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक तहसीलों में जाति प्रमाण पत्र जारी होते रहेंगे, तब तक जातिवाद खत्म नहीं होगा। उन्होंने ‘जाति तोड़ो, समाज जोड़ो’ आंदोलन के जरिए जातिहीन समाज की स्थापना का संकल्प दोहराया।
भर्तियों और आरक्षण पर सपा को घेरा
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में पिछड़ों, दलितों और खासतौर पर मुसलमानों के अधिकारों की अनदेखी हुई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम आबादी का बड़ा समर्थन मिलने के बावजूद उन्हें कभी उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में बिना भेदभाव और रिश्वत के योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे
आगामी पंचायत चुनावों को लेकर फैल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए मंत्री ने कहा कि एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगा। मतदाता सूची का प्रकाशन 15 मार्च को होगा और मतपत्र छप चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना या परीक्षाओं के कारण चुनाव टलने की बातें निराधार हैं और चुनाव अपने तय समय पर ही संपन्न होंगे।

