यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 88वीं बोर्ड बैठक 30 जनवरी 2026 को सम्पन्न हुई, जिसमें औद्योगिक विकास, किसानों को मुआवजा, शिक्षा और रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय प्रगति से लेकर नई औद्योगिक योजनाओं तक पर विस्तार से चर्चा की गई।
वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय वृद्धि
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 जनवरी 2026 तक प्राधिकरण की पूंजीगत प्राप्तियां 2669.12 करोड़ रुपये रही हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 120 प्रतिशत अधिक हैं। इसे क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का संकेत माना जा रहा है।
OTS योजना की अंतिम तिथि घोषित
‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) पॉलिसी 2025/02 के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तय की गई है। यह योजना आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत और वाणिज्यिक संपत्तियों पर लागू होगी, जबकि टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं इससे बाहर रहेंगी।
किसानों को अब तक 2986 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में कुल 2986.31 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिली है।
शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा, मॉडल विद्यालय के लिए भूमि आवंटन
सेक्टर-34 में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्थापित करने हेतु छह एकड़ भूमि मात्र एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से बेसिक शिक्षा विभाग को आवंटित करने का निर्णय लिया गया।
औद्योगिक पार्कों की तेज प्रगति
बैठक में विभिन्न औद्योगिक पार्कों की प्रगति की समीक्षा भी की गई:
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सेक्टर-29 स्थित अपैरल पार्क में 173 में से 156 भूखंड आवंटित, 15 पर निर्माण शुरू।
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हैंडीक्राफ्ट पार्क में 202 में से 176 भूखंड आवंटित।
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MSME पार्क में 506 में से 504 भूखंड आवंटित, 311 की लीज डीड निष्पादित।
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सेक्टर-33 के टॉय पार्क में 154 में से 143 भूखंड आवंटित।
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सेक्टर-28 के मेडिकल डिवाइस पार्क में 203 में से 101 भूखंड आवंटित।
नई औद्योगिक योजनाएं फरवरी तक खुली रहेंगी
प्राधिकरण द्वारा ई-ऑक्शन और ड्रॉ प्रणाली के माध्यम से नए औद्योगिक भूखंड आवंटन की योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनकी आवेदन तिथि फरवरी 2026 तक निर्धारित है।
रुकी हुई परियोजनाओं के समाधान की दिशा में कदम
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के अनुरूप रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं के समाधान की दिशा में प्रगति हुई है। सात डेवलपर कंपनियों ने अपने बकाया का 25 प्रतिशत जमा कर सहमति दी है, जिससे परियोजनाओं के पुनः शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है।
आगरा मास्टर प्लान और हेरिटेज सिटी योजना को मंजूरी
आगरा अर्बन सेंटर के लिए महायोजना-2031 (ड्राफ्ट) को बोर्ड ने स्वीकृति दी। साथ ही हेरिटेज सिटी परियोजना के तहत पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स (पार्किंग) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। वहीं, वृन्दावन में बढ़ते पर्यटक दबाव को देखते हुए आवासीय और होटल सुविधाओं के विस्तार पर भी विचार किया जा रहा है।
7 प्रतिशत आबादी भूखंड आवंटन प्रक्रिया जारी
बैठक में बताया गया कि 29 गांवों के पात्र किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में जारी है। कई गांवों के भूखंड सेक्टर-25 में विकसित किए जा चुके हैं।
औद्योगिक और शहरी विकास को मिलेगी नई गति
बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों को क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और शहरी विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में YEIDA क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

