लखनऊ, 20 अक्टूबर 2026 । उत्तर प्रदेश में कारागार प्रशासन की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मानव संपदा पोर्टल, जेलों की सीसीटीवी निगरानी, बंदियों की सुविधाओं और मुलाकात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों का रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में विभागीय कर्मचारियों के अभिलेखों को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने और कारागार विभाग के सभी पदों को पोर्टल पर दर्ज करने की प्रगति पर चर्चा हुई। महानिदेशक ने संबंधित अधिकारियों से मौजूदा स्थिति की जानकारी लेते हुए अधूरे कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।
सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था की हुई समीक्षा
प्रदेश की विभिन्न जेलों में स्थापित जार्विस सीसीटीवी कैमरों को कारागार मुख्यालय की वीडियो वॉल से जोड़ने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निगरानी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आदर्श कारागार में बंदियों के स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा की गई।
महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की देखभाल पर जोर
बैठक में महिला बंदियों के साथ जेल में रह रहे बच्चों की देखभाल से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बच्चों की आवश्यकताओं और सुविधाओं की समीक्षा के लिए आयोजित होने वाली जनपद स्तरीय बैठकों की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जेलों में मुलाकात और तलाशी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर
बंदियों से मुलाकात के दौरान तलाशी की प्रक्रिया को प्रभावी, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में कहा गया कि मुलाकात व्यवस्था के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जेलों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
दिव्यांग बंदियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
समीक्षा के दौरान दिव्यांग बंदियों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके अलावा उनके लिए मुलाकात की अलग व्यवस्था और जेल परिसर में रैंप जैसी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई। महानिदेशक ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए दिव्यांग बंदियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समयसीमा में कार्य पूरा करने पर DG का जोर
महानिदेशक पीसी मीना ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो। उन्होंने विभागीय कामकाज में जवाबदेही, तत्परता और कार्यकुशलता बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि प्रदेश की जेलों में प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा सके। बैठक में अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह, उपमहानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता और सुभाष चंद्र शाक्य, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

