प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक में राज्य की कई महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा के कड़ाई से पालन पर विशेष जोर दिया गया।
समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं के निर्माण में निर्धारित समय-सीमा का हर हाल में पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि ईपीसी (EPC) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की संबंधित विभागों द्वारा प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय, मेरठ की समीक्षा
मुख्य सचिव ने मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पॉकेट-1 के सभी कार्य 31 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए जाएं। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता को प्रतिदिन समीक्षा और नियमित स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने पॉकेट-2 के कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें 31 अगस्त, 2026 तक पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालय के संचालन हेतु पद सृजन, फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा।
सभी मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर
मुख्य सचिव ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से सभी मंडलों में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए आगामी बजट में पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, गोरखपुर पर फोकस
इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, गोरखपुर की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी को निर्देश दिए गए कि कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की निगरानी के लिए साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जाएं। स्टेडियम के भविष्य के संचालन से जुड़े सभी पैरामीटर अभी से तय किए जाएं। वर्तमान में स्टेडियम स्थल पर लेवलिंग का कार्य प्रगति पर है और पाइल फाउंडेशन का कार्य वर्षा ऋतु से पहले पूरा करने की योजना है।
म्यूजियम ऑफ इंडियन टेंपल आर्किटेक्चर, अयोध्या
म्यूजियम ऑफ इंडियन टेंपल आर्किटेक्चर की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि म्यूजियम के निर्माण के साथ-साथ अप्रोच रोड, स्ट्रीट लाइटिंग, अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास भी समानांतर रूप से कराया जाए, ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। बैठक में बताया गया कि साइट की फेंसिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है और रैम्प निर्माण जनवरी 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट और कृषि विश्वविद्यालय की परियोजनाएं
मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट, गोरखपुर के ब्लॉक-ए का निर्माण कार्य 30 अगस्त, 2026 तक पूरा कराने के निर्देश दिए। वर्तमान में यहां लक्षित प्रगति 37.38% के मुकाबले 32.51% प्रगति दर्ज की गई है।
वहीं महात्मा बुद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, कुशीनगर की समीक्षा में बताया गया कि परियोजना माइलस्टोन से पीछे चल रही है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आवासीय भवनों को छोड़कर शेष सभी कार्य 31 अक्टूबर, 2026 तक पूर्ण कराए जाएं। किसी भी अवरोध को विभागीय समन्वय से शीघ्र दूर किया जाए।बैठक में यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय में 6 प्रशासनिक पदों के सृजन का शासनादेश जारी हो चुका है और 503 शैक्षणिक पदों के सृजन की प्रक्रिया प्रचलित है।
80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण, फिनिशिंग जारी
बैठक में मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय की भौतिक प्रगति को फोटोग्राफ्स के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अवगत कराया गया कि परियोजना की लगभग 80 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूरी हो चुकी है। प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल, लाइब्रेरी, हेल्थ सेंटर सहित कई संरचनाओं का स्ट्रक्चर कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि फिनिशिंग का कार्य जारी है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दोहराया कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि हर परियोजना का प्रभाव समय पर और जमीन पर दिखाई दे, ताकि प्रदेश के विकास कार्य तय समय में पूर्ण होकर जनता को लाभ पहुंचा सकें।

