लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल एग्रो ट्रेड फेयर–ग्लोबल एग्रोटेक-2026 के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि कृषि के नवयुग की प्रस्तावना है, जहाँ किसान परिवर्तन के शिल्पी के रूप में उभर रहे हैं। राज्यपाल ने इस आयोजन के लिए इंडियन चैम्बर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर, उत्तर प्रदेश सरकार एवं सभी सहयोगी संस्थानों की सराहना की। उन्होंने श्री सुरेश प्रभु का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंच ने नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और किसानों को संवाद का साझा अवसर प्रदान किया है।
उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि राज्य
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश अन्न, दुग्ध, गन्ना, दलहन, तिलहन, बागवानी और पशुपालन में देश का अग्रणी राज्य है। हाल के वर्षों में कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति न केवल उत्पादन वृद्धि, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास और संभावनाओं में विस्तार का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एग्रोटेक-2026 तकनीक और परंपरा, अनुसंधान और अनुभव तथा नीति और प्रकृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। बीज से बाजार तक कृषि को समग्र मूल्य श्रृंखला के रूप में देखने का यह प्रयास किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
डिजिटल तकनीक और एआई से बदलेगी खेती
राज्यपाल ने कृषि में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सूक्ष्म सिंचाई, जैव-प्रौद्योगिकी और उपग्रह आधारित सूचना प्रणाली की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य अंतिम किसान तक लाभ पहुँचाना होना चाहिए। तकनीक तभी सार्थक है जब वह खेत और किसान के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव लाए।
महिला उद्यमिता कृषि विकास की धुरी
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिला उद्यमिता और स्वयं सहायता समूह कृषि विकास की महत्वपूर्ण धुरी बन रहे हैं। महिलाओं को प्रशिक्षण देकर लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने उत्पाद स्वयं तैयार कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। सोनभद्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि महिलाएं सोयाबीन से उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही हैं।
एचपीवी टीकाकरण पर विशेष जोर
राज्यपाल ने कहा कि बालिकाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज नरेन्द्र मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर से सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसका सजीव प्रसारण कार्यक्रम में किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों में एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है और अब तक 40 हजार से अधिक बालिकाओं को टीके की तीनों खुराक दी जा चुकी हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरक महिलाओं को सम्मान
राज्यपाल ने कहा कि आगामी 8 मार्च, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को खोजकर सम्मानित किया जाना चाहिए। कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों से अपेक्षा की गई कि वे कृषि और संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करें।
एफपीओ और किसानों का सम्मान
इस अवसर पर राज्यपाल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने कृषि से संबंधित आधुनिक यंत्रों, उन्नत बीजों, कृषि रसायनों और एफपीओ के उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और प्रतिभागियों से संवाद कर नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बीएल एग्रो, यूपीएसएसी, धानुका ग्रुप, एनबीआरआई, आईआईएसआर सहित अनेक संस्थानों के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

