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कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल और उर्वरक सेतु ऐप की लॉन्चिंग, सीएम योगी ने भारत टैक्सी को दिखाई हरी झंडी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास, पांच कालिदास मार्ग पर किसानों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के ई-पोर्टल की लॉन्चिंग की। इसके साथ ही सहकारिता विभाग द्वारा तैयार किए गए ‘उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप’ और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप UPCDC का भी शुभारंभ किया गया। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी सेवा को फ्लैग ऑफ किया।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहले, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर और परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार के अनुसार, नए पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से किसानों को खाद, बीज और सहकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सुविधाएं उपलब्ध कराना है।वहीं, भारत टैक्सी सेवा को लेकर बताया गया कि अब तक करीब 50 हजार टैक्सी चालक इससे जुड़ चुके हैं। इनमें सबसे अधिक करीब 40 हजार चालक लखनऊ से जुड़े हैं। यह सेवा अप्रैल से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई थी। सेवा से जुड़े चालकों को पांच लाख रुपये तक के बीमा का लाभ देने की व्यवस्था है। साथ ही चालकों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा।

सहकारिता को लेकर सीएम योगी का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहकारिता व्यवस्था और नेतृत्व को लेकर कहा कि शक्ति का इस्तेमाल इस बात पर निर्भर करता है कि वह किसके हाथों में है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और कल्याणकारी सोच के हाथों में शक्ति होने पर उसका इस्तेमाल समाज और राष्ट्र की सुरक्षा तथा विकास के लिए किया जा सकता है, जबकि गलत हाथों में इसका दुरुपयोग हो सकता है। सीएम योगी ने सहकारिता को दुधारी तलवार बताते हुए कहा कि इसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्ष हो सकते हैं। उनके मुताबिक, अच्छी लीडरशिप और नेतृत्व होने पर सहकारिता समृद्धि का कारण बनती है, जबकि गलत नेतृत्व में यह अराजकता का कारण भी बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपने पूर्व के बयानों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश में महीनों तक कर्फ्यू और दंगे होते थे तथा अराजकता का माहौल था। उन्होंने टैक्सी और ऑटो चालकों के साथ कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सवारी से किराया न देने और वाहन गायब होने जैसी समस्याएं भी सामने आती थीं। उन्होंने मेरठ में चोरी की गाड़ियों के चेसिस बदलने और यहां तक कि भैंसा गाड़ियों से भैंसे चोरी होने का भी उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में बदलाव के साथ अब ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं।

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