कानपुर देहात में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान निर्मित चेकडैम परियोजनाओं की जांच के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा कराई गई तकनीकी जांच (TAC) में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय की गई है।
अधिशासी अभियंता के खिलाफ शुरू हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर लघु सिंचाई खंड कानपुर के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कई अवर अभियंताओं पर भी कार्रवाई की तैयारी
जांच में अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाए जाने पर कई अवर अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
निर्माण एजेंसियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
मामले में दोषी पाई गई निर्माण एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित फर्मों पर आर्थिक दंड (एलडी) लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर शासन का सख्त रुख
शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाकर कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

