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पौधों की जियो-टैगिंग शत-प्रतिशत करने के निर्देश, धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती

पौधों की जियो-टैगिंग शत-प्रतिशत करने के निर्देश, धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती

पौधों की जियो-टैगिंग शत-प्रतिशत करने के निर्देश, धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती

गौतमबुद्धनगर। जिले में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 12 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की बैठक हुई। इसमें पौधों के संरक्षण, सड़कों से धूल हटाने, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और नदियों की स्वच्छता से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।

लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग पूरी करने पर जोर

वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग की प्रगति पर चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पौधों के जीवित रहने की नियमित निगरानी करने और उनके संरक्षण एवं देखभाल पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि वृक्षारोपण अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें।

सड़कों की सफाई से कम होगा धूल प्रदूषण

बैठक में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सड़कों की नियमित सफाई और मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के संचालन की समीक्षा की गई। संबंधित प्राधिकरणों और विभागों को सड़कों पर जमा धूल को समय-समय पर हटाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को सड़क की खुदाई के बाद जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने को कहा गया। इसका उद्देश्य सड़क पर धूल फैलने से रोकना और आम नागरिकों को आवागमन में होने वाली असुविधा से बचाना है।

 

 

कचरे और निर्माण मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण जरूरी

बैठक में बागवानी से निकलने वाले कचरे, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण के मलबे और नगर निकायों के ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण पर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर कूड़ा तथा निर्माण सामग्री का मलबा जमा न होने दिया जाए। कचरे का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

यमुना और हिंडन नदियों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान

जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान यमुना और हिंडन नदियों के संरक्षण तथा स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को नदियों में पहुंचने वाले अनुपचारित नालों के पानी का उपचार कराने, जल प्रदूषण पर नियंत्रण रखने और नदी तटों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

NGT के मानकों का पालन करने के निर्देश

बैठक में संबंधित विभागों से ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य वृक्षारोपण अभियान की निगरानी मजबूत करने, वायु एवं जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और जिले में स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है।

 

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