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बाराबंकी के बालिका गृह में कंप्यूटर लैब का उद्घाटन, राज्यपाल ने बेटियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

बाराबंकी के बालिका गृह में कंप्यूटर लैब का उद्घाटन, राज्यपाल ने बेटियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

बाराबंकी के बालिका गृह में कंप्यूटर लैब का उद्घाटन, राज्यपाल ने बेटियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को बाराबंकी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) में कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया। यह लैब राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा स्थापित की गई है। इस दौरान उन्होंने सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान का भी शुभारंभ किया।

बेटियों से संवाद कर जानी शिक्षा और भविष्य की योजनाएं

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिका गृह में रह रही किशोरियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की और शिक्षा को आत्मनिर्भरता तथा व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

कौशल विकास को शिक्षा के साथ जोड़ने पर बल

राज्यपाल ने बेटियों को कंप्यूटर शिक्षा के साथ सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेहंदी कला, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण और पाककला जैसे रोजगारपरक कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा के साथ कौशल विकास भी उतना ही जरूरी है, जिससे युवतियां रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

40 बालिकाओं को लगाया गया एचपीवी टीका

सर्वाइकल कैंसर जागरूकता अभियान के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कुल 40 छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। राज्यपाल ने स्वास्थ्य जागरूकता, पौष्टिक आहार और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बालिका गृह को आत्मनिर्भरता और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र बनाने के निर्देश

राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बालिका गृह केवल आश्रय स्थल न होकर शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का केंद्र बने। उन्होंने नियमित अध्ययन, कंप्यूटर प्रशिक्षण, पुस्तकालय उपयोग, रचनात्मक गतिविधियों और खेलकूद को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

विश्वविद्यालयों को भी सौंपी अहम जिम्मेदारी

उन्होंने विश्वविद्यालयों से बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। ऑनलाइन शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, योग और नैतिक मूल्यों पर नियमित सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

सकारात्मक माहौल और सम्मानजनक व्यवहार पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि हर बेटी में प्रतिभा होती है, जरूरत केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की है। उन्होंने प्रशासन और संस्थान को निर्देश दिया कि बालिकाओं के साथ सम्मानजनक, संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

 

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