अमेठी। संयुक्त किसान मोर्चा अमेठी के आह्वान पर 23 अक्टूबर 2026 को किसानों ने लोकतंत्र की बहाली और मतदान के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मतदाता अधिकारों को लेकर कई मांगें रखी गईं।
SIR प्रक्रिया समाप्त करने की उठाई मांग
किसान संगठनों ने अपने ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रद्द करने की मांग की। उनका कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में प्रभावित लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग
ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून में संशोधन करने की मांग उठाई गई। किसान संगठनों ने चयन पैनल में प्रधानमंत्री द्वारा नामित मंत्री के स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने का प्रस्ताव रखा।
चुनाव सुधार और धनबल पर नियंत्रण की अपील
संयुक्त किसान मोर्चा ने चुनाव व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने की मांग की। इसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली अपनाने, चुनाव में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को कम करने तथा चुनावों के सरकारी वित्तपोषण जैसे मुद्दे शामिल हैं। ज्ञापन में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील भी की गई।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और नागरिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
किसान नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से संबंधित प्रतिबंधात्मक आदेशों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने छात्रों, युवाओं और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामलों की जांच कराने की भी अपील की। इसके अलावा, ज्ञापन में हाउस अरेस्ट की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे नागरिकों की स्वतंत्रता, निजता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया गया। ये आरोप और मांगें किसान संगठनों की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन का हिस्सा हैं।
किसान नेताओं और अधिवक्ताओं की रही भागीदारी
प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा अमेठी के पदाधिकारियों संजय कुमार, राकेश कुमार, सूर्यपाल यादव, नवाब अली, हस्मत, राम प्यारी, राकेश सिंह, छोटेलाल, चुन्नू सिंह और वैजनाथ सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज मिश्रा और अन्य अधिवक्ताओं ने भी सहभागिता की। किसान नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

