प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन परिसर में विकसित हर्बल गार्डन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन स्वास्थ्य, पर्यावरण और परंपरागत ज्ञान-तीनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
73 औषधीय प्रजातियों से समृद्ध वाटिका
राजभवन परिसर में विकसित इस हर्बल गार्डन में लगभग 73 किस्म के औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से तुलसी, अश्वगंधा, ब्राह्मी, शतावरी, अर्जुन, हरड़, मॉल श्री, सर्पगंधा, कपूर, अपराजिता, इंसुलिन प्लांट, घृतकुमारी (एलोवेरा), मीठी नीम सहित अन्य बहुमूल्य औषधीय पौधे शामिल हैं। यह वाटिका औषधीय जैव-विविधता के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
रुद्राक्ष पौधारोपण और संरक्षण के निर्देश
उद्घाटन के दौरान राज्यपाल ने रुद्राक्ष के पौधे का पौधारोपण भी किया। उन्होंने हर्बल गार्डन में स्थापित सभी औषधीय पौधों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण, संवर्धन एवं नियमित देखभाल के लिए आवश्यक निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी पहलें पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।
अधिकारीगण रहे उपस्थित
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (राज्यपाल/अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष सचिव राज्यपाल श्रीप्रकाश गुप्ता, कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुभाष, संबंधित अधिकारीगण तथा राजभवन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

