आजमगढ़ में सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिलरियागंज में विशेष स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के 45 चालक और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
आंखों की रोशनी और स्वास्थ्य की हुई जांच
शिविर के दौरान चिकित्सकों की टीम ने वाहन चालकों और परिचालकों की आंखों की रोशनी, रक्तचाप, सामान्य स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक चिकित्सीय मानकों की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि वाहन चालकों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कई स्कूलों के चालक-परिचालक हुए शामिल
स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में आलिया पब्लिक स्कूल, मदरसा जामिया तूल फला, विद्यान्तर पब्लिक स्कूल, जैश पब्लिक स्कूल सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के चालक एवं परिचालकों ने भाग लिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित वाहन संचालन, यातायात नियमों के पालन और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने कहा कि स्कूली वाहन चालकों और परिचालकों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस तरह के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग का मिला सहयोग
शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचे चालक और परिचालकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उपयोगी बताया।

