हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम में गुरुवार को एक भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महान संत स्वामी सत्यमित्रानंद की मूर्ति का अनावरण किया और समाधि मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया।
सीएम योगी और सीएम धामी रहे कार्यक्रम में मौजूद
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ समाधि मंदिर का उद्घाटन कर स्वामी सत्यमित्रानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
संत समाज और श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति
आयोजन में संत समाज, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को भारतीय संत परंपरा के सम्मान और गौरव का प्रतीक बताया।
राजनाथ सिंह बोले- सेवा, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक थे स्वामी सत्यमित्रानंद
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद का जीवन सेवा, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संत समाज को सही दिशा दिखाते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।
सनातन संस्कृति के संवाहक थे स्वामी सत्यमित्रानंद: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनका जीवन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को मजबूत करने वाला रहा है।
हरिद्वार की तपोभूमि में आध्यात्मिक चेतना और सशक्त हुई: सीएम धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संतों की तपोभूमि हरिद्वार में इस तरह के आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना और अधिक सुदृढ़ होती है। उन्होंने इसे समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला आयोजन बताया।
संत परंपरा के सम्मान का प्रतीक बना आयोजन
समाधि मंदिर के उद्घाटन के साथ ही यह आयोजन संत परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा के विचारों को स्मरण करने का एक विशेष अवसर बना। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि संतों के योगदान को सम्मान देने की एक प्रेरक पहल भी सिद्ध हुआ।

