UP Political News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गुंडा नियंत्रण अधिनियम शुरू किया गया है, जिसके तहत समाजवादी पार्टी के नेता रामज्ञान गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। वहीं, सपा नेता ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया और साफ शब्दों में कहा कि यह जनहित के मुद्दे उठाने पर निशाना बनाया जा रहा है।
4 मुकदमों और एक बीट सूचना का उल्लेख
दरअसल पूरा मामला हरदोई की कोतवाली शहर क्षेत्र के शिवनाथ नगर में सांडी चुंगी के पास रहने वाले सपा नेता रामज्ञान गुप्ता से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक हरदोई की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव की अदालत ने 16 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत नोटिस जारी किया था।
नोटिस में रामज्ञान गुप्ता के खिलाफ दर्ज चार मुकदमों और एक बीट सूचना का उल्लेख किया गया है। साथ ही, अदालत ने उन्हें 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर उपस्थित होकर आरोपों के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया था।
50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बॉन्ड का भी किया जिक्र
बता दें जारी नोटिस में 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और इतनी ही धनराशि की सक्षम जमानत प्रस्तुत करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन की ओर से शुरू की गई इस कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध आदेश के अनुसार रामज्ञान गुप्ता को जिला बदर करने का कोई अंतिम आदेश दर्ज नहीं है। ऐसे में नोटिस जारी होने को अंतिम कार्रवाई नहीं माना जा सकता। जिसके बाद मामले में आगे का फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया और सपा नेता के स्पष्टीकरण के आधार पर होगा।
सपा नेता ने बताया राजनीतिक साजिश
दरअसल रामज्ञान गुप्ता ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। जिसमें उनका आरोप है कि जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। सपा नेता का कहना है कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी तरीके से अपना पक्ष रखेंगे। ऐसे में फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और सपा नेता के आरोपों के बीच आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

