उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) में सड़कों की बदहाली से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ऊंची इमारतों और आधुनिक सोसायटियों की चमक-दमक के बीच जमीनी हकीकत यह है कि लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर घर खरीदने वाले निवासी अच्छी और सुरक्षित सड़कों के लिए तरस रहे हैं।
सोसायटियों को जोड़ने वाली सर्विस रोड जगह-जगह गड्ढों से भरी हैं, जिससे रोजाना लोगों को हिचकोले खाते हुए सफर करना पड़ रहा है। निवासियों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शिकायतों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल टेंडर प्रक्रिया का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है।
अंधेरे में जानलेवा बने गड्ढे
एटीएस गोलचक्कर से अरिहंत अम्बर सोसायटी को जोड़ने वाली सड़क की हालत भी बेहद खराब है। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार के अनुसार, पूरी सड़क पर हर कुछ मीटर की दूरी पर गहरे और जानलेवा गड्ढे हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण रात के समय सड़क पूरी तरह अंधेरे में डूबी रहती है।
ऐसे में दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर घायल हो रहे हैं, जबकि गड्ढों के कारण कारों के शॉकर और अन्य पुर्जे भी खराब हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आईजीआरएस और जनसुनवाई भी बेअसर
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) और प्राधिकरण की जनसुनवाई में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन हर बार औपचारिकता निभाकर मामलों को बंद कर दिया गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सर्विस रोड का निर्माण और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर राजेश कुमार निगम का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई सेक्टरों की सड़कें खराब हैं, टेंडर फाइनल हो चुके हैं और मार्च-अप्रैल में कई सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा।
डेडलाइन बीती, अब नए आश्वासन
सेक्टर टेकजोन-4 में श्रीराम स्कूल से समृद्ध ग्रैंड एवेन्यू सोसायटी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क विकास के दावों की पोल खोलती नजर आती है। स्थानीय निवासी अरुण कुमार सिंह बताते हैं कि सड़क पर गड्ढों की भरमार है। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जबकि अब सूखे मौसम में आम्रपाली ड्रीमविले से ला प्लेरिया के बीच उड़ती धूल लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। जुलाई में शिकायत करने पर सितंबर तक सड़क बनने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
पत्थर डालकर की गई खानापूर्ति
सेक्टर-2 स्थित निराला ग्रीन शायर सोसायटी के आसपास की सड़कों की हालत भी चिंताजनक है। निवासी कपिल खरे के अनुसार, दबाव बढ़ने पर प्राधिकरण ने गड्ढों में पत्थर और मिट्टी डलवाकर अस्थायी मरम्मत की थी। यह उपाय समस्या के समाधान के बजाय खतरा बन गया। वाहनों के दबाव से पत्थर उखड़कर सड़क पर फैल गए हैं, जिससे गाड़ियां फिसल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी सड़क का निर्माण करने के बजाय केवल खानापूर्ति की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।
बढ़ता आक्रोश, जल्द आंदोलन की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विभिन्न सेक्टरों में सड़कों की बदहाली को लेकर निवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

