Site icon UP की बात

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव, 108 फलों के रस से हुआ श्रीकृष्ण का महाभिषेक

वृंदावन। वृंदावन स्थित चंद्रोदय मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण दिवस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। वैदिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस उत्सव में मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया।जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान लड्डू गोपाल अभिषेक, छप्पन भोग, विशेष श्रृंगार, झूलन उत्सव, भजन संध्या और हरिनाम संकीर्तन प्रमुख आकर्षण रहे।

पंचगव्य और 108 प्रकार के फलों के रस से महाभिषेक

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र का भव्य महाभिषेक किया गया। पंचगव्य यानी दूध, दही, घी, शहद और मिश्री के साथ 108 प्रकार के फलों के रस, औषधियों और पुष्पों से भगवान का अभिषेक हुआ।महाभिषेक के बाद भगवान को श्याम रंग के रेशमी और चांदी की कढ़ाई से सुसज्जित वस्त्र धारण कराए गए। वहीं निताई-गौरांग को भी विशेष अलंकरण और पुष्पमालाओं से सजाया गया।

‘श्रीकृष्ण स्वयं भगवान हैं’: चंचलापति दास

मंदिर अध्यक्ष चंचलापति दास ने श्रीमद्भागवत के प्रसिद्ध श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण सभी अवतारों के मूल स्रोत और स्वयं पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान हैं।उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार जब संसार अधर्म और आसुरी शक्तियों के कारण व्याकुल होता है, तब भगवान भक्तों की रक्षा, धर्म की स्थापना और जीवों के कल्याण के लिए युग-युग में अवतरित होते हैं।चंचलापति दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भक्तों पर विशेष कृपा करते हुए अर्चा-विग्रह के रूप में भी हमारे बीच विराजमान हैं, जिससे भक्त उनकी सेवा, पूजा और आराधना कर सकें। उनके अनुसार जन्माष्टमी केवल भगवान के अवतरण का उत्सव नहीं, बल्कि भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति को जागृत करने का पावन अवसर भी है।

आधी रात श्रीकृष्ण के प्राकट्य पर गूंजा मंदिर

रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ ही पूरा चंद्रोदय मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण’ के संकीर्तन और श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन और गौड़ीय वैष्णव संगीत में उत्साह के साथ सहभागिता की।इस दौरान मंदिर परिसर इत्र और प्राकृतिक सुगंधित अगरबत्तियों की खुशबू से भी सुवासित रहा। भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव का आनंद लिया।

देशभर से वृंदावन पहुंचे श्रद्धालु

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस विशेष आयोजन में लखनऊ, आगरा, दिल्ली, जयपुर समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य अतिथि वृंदावन पहुंचे। सभी ने चंद्रोदय मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य उत्सव में सहभागिता की और भगवान के दर्शन-पूजन किए।

Exit mobile version