लखनऊ के जन भवन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत युवा संगम चरण-6 कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश से आए प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।
अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं की झलक
कार्यक्रम के दौरान अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, पारंपरिक खानपान, पर्यटन स्थलों और विकास से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने अपने राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विशेषताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिससे उपस्थित लोगों को पूर्वोत्तर भारत की विविधता को समझने का अवसर मिला।
लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
अरुणाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक लोकनृत्य और थीम सॉन्ग पर सामूहिक गायन की मनमोहक प्रस्तुति दी। राज्यपाल ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इसे अत्यंत आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बताया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि युवा संगम कार्यक्रम भारत की विविधता को समझने और आत्मसात करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इसे पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के बीच सांस्कृतिक सेतु बताते हुए प्रधानमंत्री के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को साकार करने वाला प्रयास बताया।
भारत की विविधता को बताया सबसे बड़ी शक्ति
उन्होंने कहा कि भारत संस्कृतियों का संगम है, जहां हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान है। उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिकता और अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यही विविधता भारत की वास्तविक शक्ति है।
युवाओं को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार
राज्यपाल ने कहा कि देश के युवा भारत की विविधता के सजीव दूत हैं और उनमें राष्ट्र निर्माण की अपार क्षमता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एक-दूसरे की संस्कृति को समझकर मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
विकसित भारत और स्टार्टअप संस्कृति पर जोर
उन्होंने कहा कि भारत आज केवल अवसरों की भूमि नहीं, बल्कि अवसरों का सृजनकर्ता बन चुका है। डिजिटल क्रांति और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से देश तेजी से प्रगति कर रहा है और युवा इस परिवर्तन के सबसे बड़े वाहक हैं।
कार्यक्रम का समापन सम्मान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ
कार्यक्रम के अंत में अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को शॉल और जैकेट भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

