उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन जन भवन में आयोजित गरबा महोत्सव में शामिल होकर मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। धार्मिक आस्था और उत्सव के रंगों से सजे इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पारंपरिक गरबा नृत्य ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
जन भवन परिसर में आयोजित गरबा महोत्सव में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने आकर्षक गरबा प्रस्तुतियां दीं। मां दुर्गा की आराधना और भक्ति गीतों के बीच पूरा परिसर उत्साहमय नजर आया। पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से किया आत्मीय संवाद
महोत्सव के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल श्रद्धालुओं के बीच पहुंचीं और उनसे बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। राज्यपाल की उपस्थिति से कार्यक्रम में शामिल लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गरबा नृत्य और सामूहिक पूजा के माध्यम से नवरात्रि की धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया।
कई मंत्रियों और गणमान्य व्यक्तियों ने की सहभागिता
इस आयोजन में नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तथा स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, श्रद्धालु और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया।
नौ दिवसीय गरबा महोत्सव में 3,572 श्रद्धालु हुए शामिल
जन भवन में 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव को श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी मिल रही है। आयोजन के पहले दिन से अब तक कुल 3,572 श्रद्धालु इसमें हिस्सा ले चुके हैं। लोगों की बढ़ती सहभागिता नवरात्रि के प्रति उनकी आस्था और भारतीय लोक परंपराओं के प्रति उत्साह को दर्शाती है।
भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा
जन भवन का यह गरबा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ भारतीय लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है। मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक सहभागिता के जरिए यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता और नवरात्रि की परंपराओं को मजबूत करने का संदेश दे रहा है।

