उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित राजभवन परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर स्वामी विवेकानंद को नमन किया।
राजभवन में रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में राजभवन में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रनिर्माण और युवाओं के सशक्तिकरण से जुड़े संदेशों को प्रसारित किया गया।
पुस्तकों का पाठन, निबंध और कला प्रतियोगिताएं
राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और दार्शनिक सिद्धांतों पर आधारित पुस्तकों का पाठन किया गया। इसके साथ ही युवाओं और कर्मचारियों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए निबंध लेखन, पेंटिंग तथा कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनके संदेश युवाओं को अनुशासित, चरित्रवान और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन आत्मविश्वास, सेवा और मानवता के मूल्यों पर आधारित है, जो आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है।
गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर राजभवन के समस्त प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात कर युवाओं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा।

