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तमिलनाडु के 15 पत्रकारों से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मुलाकात, यूपी की शिक्षा और जनकल्याणकारी पहलों की दी जानकारी

लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से तमिलनाडु से आए 15 पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। डिप्टी डायरेक्टर, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, चेन्नई  विजयालक्ष्मी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न पहलों की जानकारी पत्रकारों के साथ साझा की।

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति के रूप में वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। उनके अनुसार प्रदेश के 19 विश्वविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में A, A+ और A++ ग्रेड प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों को NIRF और सात विश्वविद्यालयों को QS वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान मिलने की जानकारी भी उन्होंने दी।उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों को आसपास के गांवों से जोड़ने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय द्वारा 5 से 10 गांवों को गोद लेकर विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। दीक्षांत समारोहों में स्कूली बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उच्च शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने की पहल का भी उन्होंने उल्लेख किया।

आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में करीब 75 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा-संपन्न बनाया जा चुका है। HPV टीकाकरण अभियान के संबंध में उन्होंने बताया कि जन भवन में आवासित बालिकाओं को HPV वैक्सीन दी जा चुकी है और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से प्रदेश में 3 लाख से अधिक वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं।टीबी उन्मूलन अभियान पर राज्यपाल ने जनभागीदारी की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 76 टीबी रोगियों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया है। उनके अनुसार प्रदेश में अब तक 4 लाख से अधिक टीबी रोगियों के रोगमुक्त होने की जानकारी है।

राज्यपाल ने अपने जनपदीय दौरों के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों, कारागारों और राजकीय बाल गृहों से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों में उनके प्रयासों से 6,000 से अधिक बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया में सहयोग किया गया।राजकीय बाल गृहों के बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी बाल गृहों में जाकर बच्चों के साथ संवाद करते हैं तथा शिक्षा, स्वच्छता और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सहयोग करते हैं।

राज्यपाल ने जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय, कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों, गौशाला और विश्वविद्यालयों में ‘एआई मंथन’, ‘परीक्षा मंथन’ तथा ‘शिक्षा मंथन’ जैसे कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य विश्वविद्यालयों में समर्थ पोर्टल के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर काम किया जा रहा है और इसके जरिए प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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