लखनऊ स्थित जन भवन के गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यपाल ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सहभागिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि विद्यार्थी साइकिल यात्रा के माध्यम से गांवों में जाकर किसानों और ग्रामीणों से संवाद करें तथा अपने अनुभवों पर प्रोजेक्ट और पुस्तक तैयार करें। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता और व्यवहारिक ज्ञान का विकास होगा। साथ ही छात्राओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, रोजगारपरक प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र आधारित पाठ्यक्रम संचालित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में शोध कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने, आईक्यूएसी पोर्टल पर डाटा अपलोड करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने तथा “वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन” और इन्फ्लिबनेट जैसी सुविधाओं से संस्थानों को जोड़ने पर बल दिया गया। राज्यपाल ने प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने और छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण व पोषण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा संरक्षण और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग संबंधी संदेश का उल्लेख करते हुए महाविद्यालयों से इन विषयों को व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया। बैठक में शिक्षकों की कमी, संसाधनों के अभाव और ऑनलाइन शिक्षण सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, कुलपति प्रोफेसर विमला वाई. सहित कई अधिकारी और महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

