प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आज माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माणाधीन परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 150 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं, ताकि विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा का एक सशक्त और आदर्श केंद्र बनाया जा सके।
कुलपति ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट और शैक्षणिक योजनाएं
निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट, संचालित एवं प्रस्तावित पाठ्यक्रमों तथा आगामी शैक्षणिक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
एडमिन, अकादमिक ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण
कुलाधिपति ने परिसर भ्रमण के दौरान एडमिन ब्लॉक, अकादमिक ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्रावास के प्रत्येक तल पर वाशिंग मशीन और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था हो। प्रत्येक कमरे में अलमारी और कपड़े सुखाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही गर्ल्स हॉस्टल के सामने उपलब्ध खाली भूमि पर वॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसे खेल सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे छात्राएं खेल गतिविधियों से जुड़ सकें।
इन्क्यूबेशन सेंटर और फैसिलिटी सेंटर पर विशेष निर्देश
इन्क्यूबेशन सेंटर के निर्माण को लेकर राज्यपाल ने निर्देश दिए कि ए.के.टी.यू. के इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन कर उसी के अनुरूप कार्यवाही की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि फैसिलिटी सेंटर में बैंक के लिए स्थान आवंटन पर किराया निर्धारित किया जाए, जिसकी प्रत्येक दो वर्ष में समीक्षा हो। अकादमिक भवन में प्रयोगशालाओं की फ्लोर-वाइज व्यवस्था विश्वविद्यालय और कार्यदायी संस्था आपसी समन्वय से सुनिश्चित करें।
कुलाधिपति वाटिका में वृक्षारोपण
निरीक्षण के दौरान कुलाधिपति महोदया ने कुलाधिपति वाटिका में मौलश्री के पौधे का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक
निरीक्षण के उपरांत जिला कलेक्ट्रेट सभागार, बलरामपुर में विश्वविद्यालय एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। राज्यपाल को अवगत कराया गया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय से 182 महाविद्यालय संबद्ध हैं, जिनमें कुल 69,845 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। साथ ही शासन द्वारा सृजित पदों और संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।
नियुक्तियों, बैंक खातों और परीक्षा सुधार पर जोर
कुलाधिपति ने निर्देश दिए कि सृजित शैक्षणिक पदों पर आवश्यकतानुसार शासन की अनुमति लेकर शीघ्र विज्ञापन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में अनावश्यक बैंक खाते न खोले जाएं और न्यूनतम आवश्यक खातों का ही संचालन हो। परीक्षा नियंत्रक को उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटाइजेशन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सामग्री क्रय में आवश्यकता के अनुसार ही खरीद करने और अनावश्यक भंडारण से बचने पर विशेष जोर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कुलपति, माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय; आयुक्त देवीपाटन मंडल; जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य विकास अधिकारी, बलरामपुर; विशेष सचिव, उच्च शिक्षा; कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी सहित कार्यदायी संस्था के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

