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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उच्च शिक्षा पर समीक्षा बैठक, गुणवत्ता सुधार पर जोर

लखनऊ स्थित जनभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में महाविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत संरचना, नामांकन वृद्धि, शोध गतिविधियों, पाठ्यक्रमों और छात्रों की संख्या पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विषयवार नामांकन, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों पर भर्ती, स्मार्ट क्लासेस, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 1 जुलाई 2026 को शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष लोगो का विमोचन किया गया। साथ ही स्मारक सिक्का, विशेष डाक टिकट और “वाणी” पुस्तिका का भी अनावरण किया गया।

राज्यपाल ने निर्देश दिए कि प्रस्तुतिकरण की गुणवत्ता में सुधार किया जाए और गतिविधि आधारित फोटोग्राफ, कैप्शन सहित सामग्री शामिल की जाए। उन्होंने पुस्तकालयों में दुर्लभ पुस्तकों के प्रदर्शन, स्वच्छ एवं हरित परिसर, सोलर पैनल और नवाचारों को प्रमुखता देने पर बल दिया। इसके साथ ही समर्थ पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन और रैंकिंग सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने समूह ‘ग’ और ‘घ’ के रिक्त पदों पर समयबद्ध एवं मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई और विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। “मां के नाम पर पेड़” अभियान को प्रोत्साहित करते हुए पौधरोपण को मातृ सम्मान से जोड़ने की बात कही गई। साथ ही पॉक्सो एक्ट से प्रभावित बालिकाओं के लिए स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर प्रशिक्षण, जूडो, सिलाई एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए ऊर्जा बचत, कम ईंधन उपयोग, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, वर्क फ्रॉम होम, प्राकृतिक खेती और अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने की अपील की।

उच्च शिक्षा मंत्री ने इस बैठक को “मिनी कार्यशाला” बताते हुए कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है और राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।

बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुणवत्ता सुधार और निरंतर प्रगति के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। अंत में सभी महाविद्यालयों को नियमित समीक्षा, नवाचार और छात्र केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

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