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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संयुक्त संसदीय समिति से किया विस्तृत संवाद

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संयुक्त संसदीय समिति से किया विस्तृत संवाद

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संयुक्त संसदीय समिति से किया विस्तृत संवाद

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित जन भवन में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्तावित ढांचे की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति के साथ संवाद एवं रात्रिभोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर चुनावी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

चुनाव सुधार और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हुई चर्चा

संवाद के दौरान राज्यपाल ने समिति के सदस्यों के साथ चुनाव सुधार, चुनावी प्रक्रिया, स्थानीय निकाय चुनाव, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, महिला आरक्षण और राजनीतिक संगठनों की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्रस्तावित चुनावी व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को समझने के साथ-साथ समिति के सदस्यों के सुझाव और दृष्टिकोण भी जाने।

चुनावी खर्च और पुनः चुनाव की व्यवस्था पर उठाए प्रश्न

राज्यपाल ने उन परिस्थितियों पर विशेष चर्चा की, जब किसी क्षेत्र में हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हों और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ व्यवस्था लागू होने के कारण दोबारा चुनाव कराने की आवश्यकता पड़े। उन्होंने ऐसे मामलों में उम्मीदवारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार और चुनावी खर्च से संबंधित संभावित व्यवस्थाओं पर समिति से जानकारी प्राप्त की।

महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर दिया जोर

महिला आरक्षण के विषय पर राज्यपाल ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर, प्रशिक्षण और संगठनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि चुनाव लड़ने की इच्छुक महिलाओं को अधिक सक्षम और प्रोत्साहित करने के लिए क्या उपाय प्रस्तावित किए जा सकते हैं।

स्थानीय निकाय चुनाव और संगठन की भूमिका पर विचार-विमर्श

बैठक में स्थानीय निकाय चुनावों में चुनाव चिन्हों की उपयोगिता, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में संगठनों की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा हुई। राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए इन विषयों पर समिति के विचारों को भी जाना।

 

लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए समयानुकूल सुधारों की आवश्यकता

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए समय-समय पर चुनाव सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने बदलती परिस्थितियों के अनुरूप चुनावी प्रणाली को और सशक्त बनाने पर बल दिया।

समिति ने जन भवन की पहलों की सराहना की

संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने जन भवन में आमंत्रण के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जन भवन में संचालित नवाचारों, जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए इन्हें प्रेरणादायक बताया।

प्रकाशनों का स्मृति स्वरूप किया गया भेंट

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने जन भवन द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों और त्रैमासिक पत्रिका ‘उमंग’ का परिचय कराया तथा समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को इन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया। कार्यक्रम का समापन जन भवन में आयोजित रात्रिभोज के साथ हुआ, जिसमें समिति के सभी सदस्यों ने सहभागिता की।

 

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