Site icon UP की बात

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चिकित्सा महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चिकित्सा महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चिकित्सा महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ से संबद्ध मेडिकल, डेंटल और पैरामेडिकल महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और संस्थानों के समग्र विकास को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नियमित समीक्षा की आवश्यकता

राज्यपाल ने कहा कि जन भवन में राज्य विश्वविद्यालयों से जुड़े महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ नियमित बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी इसी तरह समन्वित प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ को नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर गुणवत्ता और सतत प्रयासों से संस्थान नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।

प्राचार्यों के साथ जन भवन में समीक्षा बैठक के निर्देश

राज्यपाल ने कुलपति, संबंधित विभाग के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि सभी संबद्ध मेडिकल, डेंटल और पैरामेडिकल संस्थानों के साथ जन भवन में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की नियुक्ति, छात्र-छात्राओं की समस्याएं, अनुशासन, आधारभूत सुविधाएं, शोध कार्य और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने को कहा गया।

 

शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति और अनुशासन पर जोर

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और समयबद्ध नियुक्तियां जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक अनुशासन और समय पालन का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, तभी विद्यार्थी भी बेहतर अनुशासन सीखेंगे। उन्होंने प्राचार्यों से अपने संस्थानों में शिक्षा के साथ संस्कार, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

शोध, नैक मूल्यांकन और छात्र हितों को प्राथमिकता देने के निर्देश

राज्यपाल ने छात्राओं की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने, शोध कार्यों को बढ़ावा देने, पुस्तक लेखन, नैक मूल्यांकन की तैयारियों और आवश्यक डाटा संग्रह पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों को केवल शिक्षा तक सीमित न रहकर शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए।

संस्थानों के निरीक्षण और कमियों के समाधान पर बल

राज्यपाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मेडिकल, डेंटल और पैरामेडिकल कॉलेजों का नियमित निरीक्षण करें तथा वहां मिलने वाली कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर कराएं। उन्होंने सभी प्राचार्यों से कुलपति के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और टीम भावना के साथ संस्थानों के विकास के लिए कार्य करने की अपील की।

 

Exit mobile version