उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के 19वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। समारोह में कुल 450 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 22 विद्यार्थियों को पदक देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
आंगनबाड़ी केंद्रों को मिली किट, 300 बालिकाओं का हुआ एचपीवी टीकाकरण
समारोह के दौरान बागपत जिले की आंगनबाड़ियों के लिए 300 आंगनबाड़ी किट और हेल्थ किट वितरित की गईं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों की बेटियों सहित 300 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। राज्यपाल ने सभी पात्र बालिकाओं तक निःशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने का दिया संदेश
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर है, जिनका जीवन राष्ट्रीय एकता, दृढ़ संकल्प और जनसेवा का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालयों में सरदार पटेल के जीवन और योगदान पर अध्ययन, प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
छात्राओं की बढ़ती सफलता पर जताई खुशी
उन्होंने कहा कि अब छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और बड़ी संख्या में उपाधियां व पदक हासिल कर रही हैं। इसे महिला सशक्तिकरण की सकारात्मक तस्वीर बताते हुए उन्होंने शिक्षा में बेटियों की भागीदारी को और बढ़ाने पर जोर दिया।
कृषि अनुसंधान और नवाचार में विश्वविद्यालय की उपलब्धियां सराहीं
राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय को वर्ष 2025-26 में 74 शोध परियोजनाएं मिली हैं, जिनके लिए 66 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। विश्वविद्यालय ने अब तक 12 फसलों की 23 नई किस्में विकसित की हैं। साथ ही बायोगैस संयंत्र, ‘नो व्हीकल डे’ और पूर्व सैनिकों के लिए कृषि आधारित प्रशिक्षण जैसी पहलों की भी सराहना की।
किसानों और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हजारों किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित महिला क्लब, बाल देखभाल केंद्र और महिला किसान समूहों की पहल की भी प्रशंसा की। राज्यपाल ने शिक्षकों और शोधार्थियों से सफल महिला किसानों और ‘लखपति दीदी’ जैसे प्रेरक उदाहरणों पर शोध करने का आह्वान किया।
रोजगारपरक शिक्षा और एफपीओ को मजबूत करने के निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में छोटे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने, एमओयू का प्रभावी क्रियान्वयन करने और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन, मिट्टी परीक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के नियमों में बदलाव का उल्लेख
उन्होंने कहा कि मेधावी छात्राओं को लाभ पहुंचाने वाली रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के नियमों में बदलाव किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्राओं को भी इसका लाभ मिल सके।
डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगी डिग्रियां
राज्यपाल ने बताया कि फर्जी डिग्रियों पर रोक लगाने के लिए सभी विश्वविद्यालयों की डिग्रियों को डिजिलॉकर पर अपलोड किया जा रहा है। विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से अपनी डिग्री प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान छात्रावास, मेस, कैंटीन, गौशाला, भवनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं में मिली कमियों पर राज्यपाल ने चिंता जताई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक माह के भीतर सभी आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावासों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, वाशिंग मशीन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और एमओयू भी रहे आकर्षण
दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनकी राज्यपाल ने सराहना की। इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ और पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों, उत्कृष्ट शिक्षकों और महिला शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

