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मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा में गोरखपुर प्रदेश में अव्वल, जून रैंकिंग में मिला पहला स्थान

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली स्वास्थ्य सेवाओं में गोरखपुर ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) सेवा के संचालन में गोरखपुर को सीएम डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में जिले की प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाती है।

जिले में संचालित 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स लगातार दूरदराज के गांवों में पहुंचकर लोगों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। जून माह के दौरान 50 मोबाइल ओपीडी का सफल संचालन किया गया, जिनमें 7,053 ग्रामीण मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क दवाएं प्रदान की गईं।

 

इसके अलावा 1,965 मरीजों की पैथोलॉजी जांच भी मोबाइल यूनिट में ही की गई। जिन मरीजों में गंभीर बीमारियों के लक्षण पाए गए, उन्हें जिला अस्पताल और उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया गया।

प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट की तैनाती की गई है, जिससे मरीजों को मौके पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा ने कहा कि गोरखपुर का प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना स्वास्थ्य विभाग की बेहतर कार्यप्रणाली और शासन की जनकल्याणकारी एवं संवेदनशील पहल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।

गोरखपुर मंडल के अन्य जिलों ने भी जून माह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ‘ए’ ग्रेड हासिल किया। आंकड़ों के अनुसार:

गोरखपुर: 50 ओपीडी | 7053 मरीज | 1965 लैब टेस्ट
देवरिया: 48 ओपीडी | 5794 मरीज | 1294 लैब टेस्ट
कुशीनगर: 49 ओपीडी | 5827 मरीज | 879 लैब टेस्ट
महराजगंज: 47 ओपीडी | 4218 मरीज | 410 लैब टेस्ट

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गोरखपुर का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

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