महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर के जंगल कौड़िया विकास खंड में पुनर्निर्मित खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय एवं सभागार का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास और जनकल्याण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
सवा करोड़ की लागत से बने आधुनिक भवन का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया में नवनिर्मित सभागार और कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। यह भवन लगभग सवा करोड़ रुपये की लागत से ब्लॉक निधि और मनरेगा के माध्यम से तैयार किया गया है। सभागार में एसी, सोलर पैनल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो विकास कार्यों में धन के पारदर्शी और सही उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
सड़कों और बाईपास से बेहतर हुई कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सड़कों के जाल और बाईपास निर्माण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब जंगल कौड़िया से लखनऊ की दूरी मात्र 3 घंटे और कुशीनगर की दूरी लगभग आधे घंटे की रह गई है। इससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूज्य महाराज जी के नाम पर एक भव्य डिग्री कॉलेज का निर्माण किया गया है, जहां 2000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में खेल मैदान, स्टेडियम और कुश्ती के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि स्थानीय खिलाड़ी और पहलवान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
रोजगार और पर्यावरण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पहले वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि यहां से मिलने वाली डिग्री और डिप्लोमा के माध्यम से युवाओं को 100 प्रतिशत रोजगार मिलने की संभावनाएं हैं। यह विश्वविद्यालय न केवल पर्यावरण संरक्षण, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जनकल्याणकारी योजनाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जरूरतमंद को आवास, शौचालय, मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है।
संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की पहल
मुख्यमंत्री ने रामायण काल के पात्र जटायु के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि क्षेत्र में जटायु (गिद्ध) संरक्षण केंद्र की स्थापना की गई है। यह पहल हमारी सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
व्यक्तिगत जुड़ाव और भावनात्मक संबोधन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना बचपन इसी क्षेत्र में बिताया है और यहां के गांवों की समस्याओं, विशेषकर बाढ़ की चुनौतियों को वे भली-भांति जानते हैं। उन्होंने कहा कि जब नियत साफ होती है तो परिणाम अपने आप सामने आते हैं, और सरकार हर कदम पर जनता के साथ खड़ी है। अंत में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे ये गणमान्य
इस लोकार्पण कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें-
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विधायक, कैंपियरगंज
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रमाकांत निषाद, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हस्तशिल्प विकास एवं विपणन निगम
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विजय शंकर यादव, पूर्व सदस्य, पूर्वांचल विकास बोर्ड
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सदानंद शर्मा, जिला मंत्री, भाजपा
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बृजेश यादव, ब्लॉक प्रमुख, जंगल कौड़िया (कार्यक्रम संयोजक)
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संजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख, भरिया
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गोरख सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख
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रामचंद्र सिंह एवं मनोज सिंह, ग्राम प्रधान सहित अनेक जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी (बहनें और भाई) उपस्थित रहे, जिनसे मुख्यमंत्री ने सीधे संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिवंगत पूर्व प्रमुख रामपाल यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।

