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गोरखपुर में जाम से मिलेगी राहत, ई-रिक्शा के रूट होंगे तय, 35 नए ट्रैफिक जवानों की होगी तैनाती, यहां जानें जानकारी

गोरखपुर में जाम से मिलेगी राहत, ई-रिक्शा के रूट होंगे तय

गोरखपुर में जाम से मिलेगी राहत, ई-रिक्शा के रूट होंगे तय

Uttar Pradesh News: शहर में लगातार बढ़ती जाम की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए यातायात पुलिस (Traffic Police) ने नई रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। बता दें अब सड़कों पर बेतरतीब दौड़ने वाले ई-रिक्शा (E-Ricksha) पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके तहत ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन (Registration) को काबू करने के साथ उनके संचालन के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए जाएंगे। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस बल भी बढ़ाया जाएगा।

जानकारी के लिए बता दें यातायात सुरक्षा माह के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एडीजी राम कुमार का कहना है कि शहर में जाम की समस्या को देखते हुए जनपद स्तर पर नई योजना बनाई जा रही है। ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या और अनियंत्रित संचालन से यातायात प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उनके रजिस्ट्रेशन पर नियंत्रण और निर्धारित रूट पर संचालन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

35 नए कांस्टेबल संभालेंगे यातायात व्यवस्था

गोरखपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 30 से 35 नए कांस्टेबल (Constable) तैनात किए जाएंगे। एडीजी का कहना है क, इन जवानों को एक हफ्ते के भीतर जनपद में पहुंचने की उम्मीद है। इससे प्रमुख चौराहों और जाम प्रभावित इलाकों में यातायात नियंत्रण बेहतर किया जा सकेगा। वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और वाहन सीज करने जैसी कार्रवाई भी जारी रहेगी।

हॉटस्पॉट की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा

पुलिस अब दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और जाम वाले स्थानों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक और मैप्स (Technology and Maps) की मदद ले रही है। यातायात सुरक्षा माह के दौरान प्रत्येक सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्कूली विद्यार्थियों और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

ऐसे में एडीजी राम कुमार ने लोगों से हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने और चौराहों के आसपास अतिक्रमण से बचने की अपील की है। जिसमें उन्होंने कहा कि जाम या यातायात नियमों के उल्लंघन की जानकारी पुलिस को सोशल मीडिया और कंट्रोल रूम के माध्यम से दी जा सकती है। जिसमें अब देखना होगा कि ई-रिक्शा के रूट निर्धारण और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती से गोरखपुर के लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से कितनी राहत मिलती है।

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