लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में जन भवन, लखनऊ में शारदीय नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर गरबा महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद गरबा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। पूरे परिसर में भक्तिमय संगीत और पारंपरिक नृत्य के बीच उत्सव का माहौल देखने को मिला।
मां दुर्गा की आराधना के बाद गरबा प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महोत्सव का शुभारंभ मां दुर्गा की पूजा और आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों ने पारंपरिक गरबा नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय लोक संस्कृति की सुंदर झलक पेश की। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को आकर्षित किया। इस दौरान राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल श्रद्धालुओं के बीच पहुंचीं और उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल को अपने बीच देखकर उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह नजर आया। उनकी सहभागिता से कार्यक्रम का वातावरण और अधिक आनंदमय एवं जीवंत हो गया।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
गरबा महोत्सव में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी, अपर जिला जज श्री पंकज मिश्रा तथा जिला जज, कमर्शियल कोर्ट श्री सत्यदेव गुप्ता समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों और जन भवन के कर्मचारियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
इस सांस्कृतिक आयोजन में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सामूहिक गरबा नृत्य के माध्यम से प्रतिभागियों ने भारतीय परंपराओं, लोक कलाओं और नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व को प्रदर्शित किया। पूजा-अर्चना, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष बना दिया। कार्यक्रम में आपसी सहभागिता और सांस्कृतिक समरसता की भावना भी प्रमुख रूप से दिखाई दी। महोत्सव के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
19 अक्टूबर तक चलेगा नौ दिवसीय गरबा महोत्सव
जन भवन में आयोजित यह नौ दिवसीय गरबा महोत्सव 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर, 2026 तक चलेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना और युवाओं को भारतीय लोक परंपराओं तथा आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराना है। गरबा महोत्सव के माध्यम से नवरात्रि की धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विविधता, सामूहिक सहभागिता और पारंपरिक कलाओं को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। जन भवन में आयोजित यह उत्सव श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का संदेश दे रहा है।

