लखनऊ, उत्तर प्रदेश: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का केंद्र बना हुआ है। महोत्सव के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर विधिवत आरती की। इस अवसर पर उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
पारंपरिक गरबा और भक्ति संगीत ने बांधा समां
जन भवन में आयोजित गरबा महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, भक्ति संगीत और रंग-बिरंगे परिधानों से सुसज्जित वातावरण ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी। श्रद्धालुओं ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी आस्था और उल्लास व्यक्त किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति से कार्यक्रम में शामिल लोगों का उत्साह और बढ़ गया।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री श्री मनोज पांडेय, राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
गरबा महोत्सव में अब तक 5,770 श्रद्धालुओं की सहभागिता
जन भवन में आयोजित इस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह देखने को मिल रहा है। 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में कुल 1,085 श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। वहीं, महोत्सव के पहले दिन से अब तक कुल 5,770 श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हो चुके हैं।श्रद्धालुओं की यह भागीदारी भारतीय लोक परंपराओं, धार्मिक आस्था और सामूहिक सांस्कृतिक आयोजनों के प्रति लोगों के जुड़ाव को दर्शाती है।
19 अक्टूबर तक चलेगा नौ दिवसीय गरबा महोत्सव
जन भवन में 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव के माध्यम से नवरात्रि की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सामूहिक उत्सव का रूप दिया जा रहा है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, पारंपरिक गरबा नृत्य, भक्ति संगीत और प्रसाद वितरण इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आयोजित यह महोत्सव भारतीय लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत को प्रोत्साहित करने के साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक समरसता को भी बढ़ावा दे रहा है। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर यह आयोजन नवरात्रि की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का संदेश दे रहा है।

