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केन नदी का कटान बना काल, रेखा गांव में घर-आंगन निगल रही नदी

बांदा जिले की तहसील पैनानी के ग्राम रेखा में केन नदी का कटान ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। नदी किनारे बसी पूरी बस्ती कटान की चपेट में है। ग्रामीणों के मुताबिक बरसात के दौरान हर साल करीब 2 से 3 मीटर जमीन नदी में समा रही है, जिससे घरों और परिवारों पर संकट मंडरा रहा है। कटान से परेशान ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी बांदा को शिकायती पत्र देकर नियमानुसार आवासीय पट्टा और सुरक्षित स्थान पर आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

हर साल गिर रहे मकान
ग्रामवासी रामबाबू यादव, शकुन्तला, चम्पा, पूजा, गीता समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि गांव केन नदी के किनारे कच्ची मिट्टी पर बसा है। बारिश शुरू होते ही नदी के किनारे की मिट्टी धंसने लगती है और धीरे-धीरे नदी में समा जाती है।ग्रामीणों के अनुसार कटान की वजह से कई मकान पहले ही नदी में गिर चुके हैं। उनका दावा है कि कई साल पहले कटान के दौरान एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है। आए दिन मवेशियों के नदी में गिरने और मरने की घटनाओं से भी ग्रामीणों में भय बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी हर समय चिंता बनी रहती है।

पहले भी की थी शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि खतरे को देखते हुए पिछले वर्ष भी प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अब बरसात के साथ नदी का कटान फिर बढ़ गया है और बस्ती पर खतरा और गहरा गया है।पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी स्थिति को देखते हुए सभी प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आवासीय पट्टा दिया जाए और सुरक्षित स्थान पर आवास उपलब्ध कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने राहत और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में पूरा गांव केन नदी के कटान की चपेट में आ सकता है।

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