उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बैतालपुर ब्लॉक अंतर्गत बहुउद्देशीय सहकारी समिति अनंतपुर (चैनपुर) का जर्जर भवन किसानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वर्षों पुराने इस सरकारी भवन की हालत खराब हो चुकी है। दीवारों में दरारें और छत से गिरता प्लास्टर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
खाद-बीज के लिए जोखिम उठाने को मजबूर किसान
किसानों के अनुसार, भवन की स्थिति खराब होने के बावजूद उन्हें खाद, बीज और अन्य कृषि संबंधी कार्यों के लिए इसी परिसर में आना पड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंचते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
लंबे समय से मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी विभागीय अधिकारियों को पहले से है, लेकिन अब तक न तो स्थायी मरम्मत कराई गई और न ही किसानों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
हादसे से पहले कदम उठाने की जरूरत
बरसात के मौसम में कमजोर भवन की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीडीओ ने दिए सर्वे और कार्रवाई के निर्देश
इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिले में जर्जर बहुउद्देशीय सहकारी समिति भवनों को लेकर एआर कोऑपरेटिव को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। सभी ऐसे भवनों का सर्वे कराकर मरम्मत या पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यदि बजट की आवश्यकता होगी तो शासन को प्रस्ताव भेजकर धनराशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। किसानों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा और जर्जर भवनों में संचालन को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

