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दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना को मिलेगा कॉमर्शियल सपोर्ट, विकसित होंगे बिजनेस हब

दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना को आर्थिक रूप से मजबूत और व्यवहारिक बनाने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत परियोजना के प्रमुख स्टेशनों के आसपास बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों और कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स का विकास किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा और आगरा में प्रस्तावित हाई स्पीड रेल स्टेशनों के आसपास उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है। इन क्षेत्रों में शॉपिंग कॉम्पलेक्स, ऑफिस स्पेस, होटल, बिजनेस सेंटर और अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर देश की महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजनाओं में शामिल है। इसकी अनुमानित लागत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इतनी बड़ी परियोजना के आर्थिक बोझ को कम करने और दीर्घकालिक राजस्व सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन आधारित वाणिज्यिक विकास मॉडल अपनाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेशन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के विकास से अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार होंगे, जिससे परियोजना के संचालन और रखरखाव की लागत को संतुलित करने में मदद मिलेगी। साथ ही इन क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और आसपास के शहरों का आर्थिक विकास तेज होगा।

नोएडा एयरपोर्ट, मथुरा और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में हाई स्पीड रेल स्टेशन बनने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं स्टेशन परिसर के आसपास विकसित होने वाले कॉमर्शियल हब इन शहरों को नए निवेश और व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बना सकते हैं।

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