मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित खंजापुर की काशीराम कॉलोनी में खराब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉलोनी के कई हिस्सों में लंबे समय से सरकारी स्ट्रीट लाइटें बंद होने का दावा किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर भाजपा के स्थानीय बूथ अध्यक्ष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने कॉलोनी की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
कई ब्लॉकों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कॉलोनी की गलियों का जायजा लिया गया। वीडियो में ब्लॉक 29 के आसपास एक लाइट जलती हुई दिखाई देती है, जबकि ब्लॉक 20, 21, 22 के साथ-साथ 30, 31 और 32 के क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय कॉलोनी के कई हिस्सों में अंधेरा छाया रहता है। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय निवासी ने निजी खर्च से लगाई लाइट
वायरल वीडियो में यह भी बताया गया कि जिस स्थान पर रोशनी दिखाई दे रही है, वहां की लाइट सरकारी व्यवस्था से नहीं बल्कि एक स्थानीय निवासी ने अपने खर्च पर लगवाई है। लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण रात में आवाजाही के दौरान असुरक्षा का माहौल बना रहता है।
भाजपा बूथ अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
वीडियो में खुद को भाजपा का बूथ अध्यक्ष बताने वाले स्थानीय व्यक्ति ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पार्टी से जुड़े जिम्मेदार कार्यकर्ता की शिकायत भी नहीं सुनी जा रही है, तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने लंबे समय से चली आ रही समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
नगर पालिका और सभासद पर उठे सवाल
काशीराम कॉलोनी जिस वार्ड में आती है, उसका प्रतिनिधित्व भाजपा नेता और सभासद योगेश मित्तल करते हैं। कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटों की कथित बदहाल स्थिति सामने आने के बाद नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विकास और सुविधाओं को लेकर किए जाने वाले दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर उन्हें मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई का इंतजार
अब सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधि मामले का संज्ञान लेकर खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराएंगे। फिलहाल यह देखना होगा कि प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

