बांदा में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश दीक्षित के आवास पर आयोजित बैठक में परियोजना के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।
पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर जताई चिंता
बैठक में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि परियोजना के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई, पहाड़ों का दोहन और नदियों पर बांध निर्माण से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। उनका मानना है कि इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में पहले से मौजूद जल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है।
स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा
वक्ताओं ने यह भी कहा कि बांदा सहित पूरा क्षेत्र पहले से ही जल संकट और पिछड़ेपन की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में इस परियोजना का वर्तमान स्वरूप स्थानीय जनहित के खिलाफ साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने की अपील की।
11 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। डॉ. संजय द्विवेदी ‘दनादन’ को समिति का जिला संयोजक नियुक्त किया गया। समिति का उद्देश्य परियोजना के खिलाफ आंदोलन को संगठित और मजबूत करना बताया गया है।
बड़ी संख्या में रहे लोग मौजूद
इस बैठक में कई सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और स्थानीय गणमान्य नागरिक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में परियोजना के खिलाफ आवाज उठाने और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

