मेरठ: दौराला-लावड़ मार्ग की बदहाली और आए दिन लगने वाले भीषण जाम से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। सड़क पर घंटों तक वाहनों के फंसने से आमजन की परेशानी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और सुधार का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
सड़क नगर पंचायत के अधीन, फिर भी नहीं सुधरे हालात
स्थानीय लोगों के मुताबिक, दौराला-लावड़ मार्ग नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए स्थानीय स्तर पर पहल की जा सकती है। क्षेत्रवासियों का सवाल है कि यदि सड़क स्थानीय निकाय के अधीन है तो इसके निर्माण या मरम्मत में इतनी देरी क्यों हो रही है।
रोजाना घंटों जाम में फंसते हैं लोग
इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। सड़क की खराब स्थिति, बढ़ता यातायात दबाव और जगह-जगह अव्यवस्था के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह और शाम के समय समस्या और गंभीर हो जाती है।जाम के कारण नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि रोजाना आवागमन करने वालों के लिए यह समस्या अब गंभीर होती जा रही है।
पूर्व विधायक पर विरोध का आरोप, स्वतंत्र पुष्टि नहीं
स्थानीय लोगों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि पूर्व विधायक द्वारा सड़क निर्माण को लेकर विरोध किया जा रहा है, जिसके कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।मामले में पूर्व विधायक का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
वर्तमान विधायक पर भी उदासीनता का आरोप
क्षेत्रवासियों का यह भी आरोप है कि मौजूदा विधायक की ओर से सड़क की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े होने के कारण सड़क का मुद्दा विकास के बजाय राजनीतिक खींचतान का विषय बनता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वर्तमान विधायक का पक्ष भी इस मामले में सामने आना बाकी है।
जनता बोली- सियासत अलग, परेशानी एक
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि अपनी जगह हैं, लेकिन सड़क पर रोजाना परेशानी झेलने वाला आम नागरिक है। लोगों को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि सड़क किस राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि के प्रयास से बनेगी। उनकी प्राथमिकता सिर्फ सुरक्षित, सुगम और जाम मुक्त आवागमन है।
नगर पंचायत से समाधान की उम्मीद
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सड़क वास्तव में नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती है तो संबंधित अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत या निर्माण का काम शुरू करना चाहिए।लोगों का सवाल है कि आखिर ऐसी कौन-सी बाधा है, जिसके चलते सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
जनता पूछ रही- कब मिलेगी जाम से मुक्ति?
दौराला-लावड़ मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने प्रशासन और नगर पंचायत से सड़क की स्थिति की जांच कराने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन विकास कार्यों को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।

