लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पितृ पक्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी पाती में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष केवल अतीत को याद करने का पर्व नहीं, बल्कि यह अतीत से भविष्य को जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि है। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर मुख्यमंत्री से जुड़े हालिया कार्यक्रम और संदेश भी उपलब्ध हैं।
पूर्वजों के तप-त्याग को याद करने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृ पक्ष पूर्वजों के तप, त्याग और उनके योगदान को स्मरण करने का पर्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि अपनी विरासत को केवल याद करने तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने आचरण में भी उतारें।उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान को सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि पिछली पीढ़ियों ने समाज और परिवार को जो कुछ दिया है, उसे संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों को उससे भी अधिक समृद्ध विरासत सौंपना हमारा धर्म है।
शाहजहां-औरंगजेब के प्रसंग का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में आगरा किले से जुड़े शाहजहां और औरंगजेब के ऐतिहासिक प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसे प्रसंग मिलते हैं, जो माता-पिता और पूर्वजों के प्रति सम्मान के महत्व को सामने रखते हैं।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा में दिवंगत पूर्वजों के प्रति भी श्रद्धा और सम्मान की भावना रही है। पितृ पक्ष इसी परंपरा को स्मरण करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है।
संचारी रोग नियंत्रण को लेकर भी अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर भी सतर्क रहने की अपील की। उनके संदेश के अनुसार, प्रदेश में 1 से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा।उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने, जलभराव न होने देने और बुखार को सामान्य न समझते हुए समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
जनभागीदारी से इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण का संदेश
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लंबे समय से चल रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी से कठिन से कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने स्वच्छता, जागरूकता और समय पर उपचार को बीमारियों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री की अपील का संदेश साफ है कि स्वस्थ समाज के निर्माण में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी भी जरूरी है। इसी तरह पूर्वजों की विरासत को सम्मान देना केवल स्मरण का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन और व्यवहार में उतारने की जिम्मेदारी भी है।

