राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एहतियाती कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज 5 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। यह निर्देश ICSE, CBSE और UP बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों पर लागू होगा।
अधिकारियों को फील्ड में रहने और राहत व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से तैनात रहें। कंबल वितरण, अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति खुले में सोता हुआ न मिले और रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित हों।
रैन बसेरों का औचक निरीक्षण अनिवार्य
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि अधिकारी रैन बसेरों का नियमित व औचक निरीक्षण करें। साफ-सफाई, बिजली, पानी, सुरक्षा, पर्याप्त बिस्तर, कंबल और हीटर जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कंबल और अलाव की पर्याप्त व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में गरीब, निराश्रित और सड़क किनारे रहने वाले लोगों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। ठंड से बचाव के लिए अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि जरूरतमंदों को तुरंत राहत मिल सके।
पहले से घोषित अवकाश का विवरण
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक 12वीं तक के स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए थे। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 8) में 1 से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश पहले से घोषित है।
उद्देश्य: जन-स्वास्थ्य और सुरक्षा
सरकार का उद्देश्य कड़ाके की ठंड में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ठंड से बचाव के लिए मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता सर्वोपरि है।

